पंचायत

वन पंचायत :


  जिन बसाहटों में पीने के पानी की गुणवत्ता सही नहीं है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे।

  15 जिलों की योजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

   वर्ष 2007–08 में सभी स्त्रोत विहीन बसाहटों में जल प्रदाय व्यवस्​िाा उपलब्ध कराएंगे।

   सभी स्त्रोत विहीन बसाहटों में मार्च 08 तक पेयजल व्यवस्था का टारगेट सुनिश्चित।

   वन सुरक्षा में सहयोग के लिए वन समिति सदस्यों को वित्तीय सुविधाओं का ऐलान।

   इस बारे में अधिसूचना जारी। दो हजार से लेकर एक लाख तक की सहायता के प्रावधान।

   वन समितियों के निर्माण के लिए ज्यादा राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

   125 करोड़ के अधोसंरचना विकास कार्य शामिल, ज्यादातर काम निर्माण समितियों को। भारत सरकार को 230 करोड़ का प्रस्ताव भेजा, 130 करोड़ स्वीकृत हुए।

   तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 400 से बढ़ाकर 450 मानक बोरा करेंगे।

   26 फरवरी 2007 को संग्रहण दरों में वृद्धि के आदेश जारी किए गए।

   वन्य प्राणियों को पीने के पानी की व्यवस्था करेंगे।

   वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्रों में 1.62 करोड़ का प्रावधान।

   वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जाएगा।

   इस बारे में कार्यवाही जारी। 235 करोड़ की योजना केन्द्र को भेजी, 135 करोड़ मंजूर हुए।

   प्रत्येक वन मंडल में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली वन समिति को 25 हजार का पुरस्कार।

   पुरस्कार योजना का प्रारूप तैयार।

   प्रदेश में 10 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे।

   जुलाई 2007 तक सूबे में 7 लाख पौधे रोपे गए।