पंचायत

नस्ताकजन पंचायत :


  नि:शक्तजनों के सामाजिक पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उनका क्रियान्वयन प्रारंभ कराया है।

  पुरस्कार योजना प्रारंभ

  नि:शक्तजन कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर महर्षि दधीचि पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। इनमें प्रथम एक लाख, द्वितीय पचास हजार और तृतीय पच्चीस हजार रूपये का पुरस्कार होगा।

  विवाह प्रोत्साह योजना

  विवाह की निर्धारित आयु पूर्ण करने वाले 40 प्रतिशत से अधिक नि:शक्त युवक अथवा युवती को विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत प्रत्येक दम्पत्ति को पच्चीस हजार रूपये और प्रशंसा पत्र दिया जायेगा। यदि नि:शक्तजन यह विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह में करते हैं तो दम्पत्ति को 5 हजार रूपये की सामग्री भी अतिरिक्त दी जायेगी।

  विदेश अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति

  प्रतिवर्ष 12 नि:शक्त छात्र–छात्राओं को विदेश अध्ययन पर होने वाले समस्त व्यय राज्य शासन वहन करेगा। 2008 से प्रारम्भ इस छात्रवृत्ति योजना के लिए सरकार ने 180 लाख रूपये का प्रावधान भी कर लिया है।

  छात्रवृत्ति की दरें पुनरीक्षित आय सीमा बढ़ी

  नि:शक्त छात्र छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की दरें पुनरीक्षित करते हुए अभिभावकों की आय सीमा 24 से 96 हजार रूपये प्रतिवर्ष कर दी है। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लगभग 60 रूपये प्रतिमाह अतिरिक्त छात्रवृत्ति/शिष्यवृत्ति दी जायेगी। अब कक्षा 8वीं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर 9वीं में नियमित प्रवेश लेने वाले नि:शक्त विद्यार्थी को 2500/– रूपये एकमुश्त दिए जायेंगे। इसी तरह कक्षा 12वीं उत्तीण होकर महाविद्यालय में नियमित प्रवेश लेने पर भी 3000/– रूपये एकमुश्त दिए जायेंगे। दृष्टि बाधित नि:शक्त छात्र–छात्राओं को योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर और तकनीकी पाठयक्रमों में अध्ययन के लिए क्रमश: एक सौ, एक सौ पच्चीस और एक सौ पचास रूपये वाचक भत्ते के रूप में दिये जायेंगे।