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खेल पंचायत :
अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाडि़यों को खेल किट दी जाएगी।
प्रति खिलाडी अधिकतम 25 हजार रूपये तक की किट उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया।
नेशनल चैम्पियिन खिलाड़ी को संविदा खिलाड़ी प्रशिक्षक के पद पर रखा जाएगा।
प्रस्ताव पर प्रशासकीय अनुमोदन हो चुका।
संविदा समन्वयकों और ग्रामीण खेल प्रशिक्षकों के मानदेय पर क्रमश: 150 और 300 रूपये की वृद्धि की जाएगी।
प्रस्ताव की प्रशासकीय स्व्ीकृति हो चुकी है।
राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त खिलाडि़यों को व्यक्तिगत विधा में क्रमश: पांच, चार और तीन हजार तथा दलीय विधा में क्रमश: तीन, दो और एक हजार रूपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रस्ताव का प्रशासकीय अनुमोदन हो गया है।
अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के पूर्व खिलाडि़यों की बीमा होगा।
प्रशासकीय अनुमोदन हो चुका है।
राज्य क्रिकेट अकादमी स्थापित होगी।
ग्वालियर में अकादमी स्थापना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रदेश के नौ जिलों में फीडर प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित होंगे।
प्रथम चरण में देवास में व्हालीबाल फीडर प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने की कार्यवाही शुरू।
खिलाडि़यों के स्व–सहायता समूहों को उचित मूल्य पर अधिकृत एवं प्रतिष्ठित निर्माताओं से सीधे खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
जून 2008 में भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में स्पोटर्स फेयर आयोजित किया जा रहा है।
प्रदेश के अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाडि़यों को दी जा रही सम्मान निधि दो गुनी की जाएगी।
सम्मान निधि पांच हजार मासिक के स्थान पर दस हजार रूपये करने के लिए गजट नोटिफिकेशन किया गया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पांच सौ, चार सौ और तीन सौ रूपये मासिक वृद्धि प्रदान की जाएगी।
प्रस्ताव का प्रशासकीय अनुमोदन हो चुका है।
ऐशबाग स्टेडियम में तथा सिंथेटिक टफर् स्थापित की जायेगी।
कार्य आरंभ
हर साल एक खेल पत्रकार को उल्लेखनीय रिपोर्टिंग के लिए पुरस्कृत जाएगा।
पुरस्कार की प्रक्रिया पूर्ण।
खेल मैदानों को अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा।
कलेक्टरों और आयुक्तों को निर्देश जारी।
खेल अद्योसंरचना से होने वाली आय को खेल अद्योसंरचना के विकास पर ही खर्च किया जाएगा।
कलेक्टरों को मुख्य सचिव की ओर से निर्देश दिए जा रहे हैं।
खेल अद्योसंरचना विकास की 22 अधूरी परियोजनाएं पूरी की जाएगी।
प्रथम चरण में ग्यारह परियोजनाओं के लिए राशि व्यवस्था।
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